मां गंगा की सेवा का एक अभियान




अभियान गंगा सेवा के द्वारा आज ऋषिकेश में प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य पेड़ों की लगातार घटती संख्या पर प्रकाश डालने के साथ पर्यावरण संतुलन और पेड़ों के हमारे जीवन मे महत्व को समझाना था।
यंहा उपस्थित सभी महानुभाओं ने यह संकल्प लिया कि वह अपने आसपास हर वर्ष एक वृक्ष का रोपण करेंगे और उस वृक्ष का पालन पोषण अपने परिवार के नन्हे सदस्य की भांति करेंगे।
अभियान गंगा सेवा ने वृक्ष उपलब्ध करवाने के साथ हर संभव मदद का भरोसा दिया।
इस कार्यक्रम में अभियान गंगा सेवा के अध्यक्ष देवेश जी ने हिन्दू धर्म में पेड़ों के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए उस ऋण पर भी प्रकाश डाला जो एक वृक्ष का हम पर होता है जब वह खुद जलकर हमें अपने साथ पंचतत्व में विलीन कर देता है।
इस ऋण से मुक्त होने के लिए हमे अत्यधिक वृक्षों को रोपना होगा।

इस कार्यक्रम से पूर्व अभियान गंगा सेवा के पदाधिकारी श्री सुमित बहुगुणा जी ने ढालुवाला ऋषिकेश के बच्चों को "मतदान महादान" नाम के एक नुक्कड़ नाटक की प्रैक्टिस भी करवाई जिसे यह छात्र छात्राएं आगामी रविवार 7 अप्रैल को ऋषिकेश के विभिन्न स्थानों के साथ त्रिवेणी घाट में भी करेंगे।

लोगों को मतदान के लिए जागरूक करने के लिए यह सभी छात्र छात्राएं इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मतदान के महत्व को समझाएंगे। समाज को मतदान हेतु जागरूक करने के साथ ही अभियान गंगा सेवा अन्य भी अनेक मुद्दों पर समय समय पर कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।

आप सभी को विदित हो कि अभियान गंगा सेवा अपने संकल्प के अनुसार समय समय पर गंगा मां की निर्मलता,अविरलता और स्वच्छता हेतु, जनजागरूकता अभियान चलाते रहते हैं। जिसमे सबसे महत्वपूर्ण मां गंगा अवतरण कथा है, कथा का वाचन व्यास महाराज श्री सुधीर प्रकाश बहुगुणा जी द्वारा किया जाता है।
इस कथा का आयोजन लोगों को मां गंगा के आध्यात्मिक महत्व को बताने के साथ साथ मां गंगा की पीड़ा को जन जन तक पहुंचाना है।गंगा अवतरण कथा कार्यक्रम संचालन मुख्यतः श्री हरीश भंडारी जी,श्री मुकुल चौहान जी और श्री अजय बिष्ट जी द्वारा किया जाता है।
समय समय पर अभियान गंगा सेवा के अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों मनमोहन डोभाल जी,नवीन बहुगुणा जी और दीपक रयाल जी का सहयोग भी प्राप्त होता रहता है।


कथा के माध्यम से यह प्रयास रहता है कि हमारे देश की जीवन रेखा और हिन्दू धर्म में मां का स्थान पाने वाली मां गंगा को हम किस प्रकार खुशी दे सकते हैं। 

मां गंगा की पीड़ा को समझने समझाने के बाद सभी से गंगा मां की निर्मलता बनाये रखने हेतु संकल्प भी लिया जाता है ।

अभियान गंगा सेवा अपने दूसरे संकल्प के साथ गौमुख से गंगासागर तक वृहद व्रक्षारोपन पर भी निरंतर कार्य कर रही है।
विभिन्न स्थानों पर गंगा अवतरण कथा के साथ व्रक्षारोपन का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है।
अभियान गंगा सेवा वृक्ष भेंट करते हुए वृक्षस्वामी से यह संकल्प भी लेते हैं कि वह इस वृक्ष की सेवा नन्हे शिशु की तरह करेगा।

अभियान गंगा सेवा इसी प्रकार विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों वृक्षों का रोपण कर चुका है।


।।जय माँ गंगे,हरहर गंगे।।



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